साल 2026 की शुरुआत के साथ ही दुनिया भर में भविष्यवाणियों और उनके निहितार्थों को लेकर बहस छिड़ गई है। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा फ्रांस के रहस्यमयी भविष्यवक्ता मिशेल डी नास्त्रेदमस की हो रही है। 16वीं सदी में लिखी गई उनकी किताब 'लेस प्रोफेटीज' (Les Propheties) के पन्नों को जब 2026 के संदर्भ में पलटा जाता है, तो सामने आने वाली तस्वीरें काफी डरावनी और बेचैन करने वाली नजर आती हैं। नास्त्रेदमस के अनुयायियों का मानना है कि यह साल मानव सभ्यता के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है।
प्रमुख हस्तियों पर संकट और राजनीतिक अस्थिरता
नास्त्रेदमस की 2026 की सबसे चर्चित भविष्यवाणियों में से एक है—"एक महान आदमी बिजली की वजह से मारा जाएगा।" जानकार इसे प्रतीकात्मक और शाब्दिक दोनों अर्थों में देख रहे हैं। आधुनिक दौर में 'बिजली' का अर्थ किसी ड्रोन हमले या उन्नत तकनीक से की गई हत्या से जोड़ा जा रहा है। यह संकेत किसी वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय नेता की अचानक मृत्यु या तख्तापलट की ओर इशारा करता है, जो पूरी दुनिया की राजनीति में भूचाल ला सकता है।
यूरोप में अशांति का केंद्र: स्विट्जरलैंड
नास्त्रेदमस ने अपनी भविष्यवाणियों में स्विट्जरलैंड के टिसिनो (Ticino) क्षेत्र का विशेष उल्लेख किया है। उन्होंने वहां "खून की बाढ़" आने की बात कही है। विडंबना यह है कि स्विट्जरलैंड अपनी तटस्थता और शांति के लिए मशहूर है, लेकिन हाल ही में वहां के एक लग्जरी स्की रिजॉर्ट में हुई आगजनी की घटना ने लोगों के मन में डर पैदा कर दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि किसी सैन्य या राजनीतिक गलत फैसले के कारण यह शांत इलाका हिंसा की चपेट में आ सकता है।
'मधुमक्खियों का झुंड' और दमनकारी शासन
एक और रहस्यमयी चौपाई में "रात में हमला करने वाले मधुमक्खियों के झुंड" का जिक्र है। प्रतीकात्मक भाषा में विशेषज्ञ इन 'मधुमक्खियों' को ऐसी विचारधाराओं या फासीवादी ताकतों का प्रतीक मान रहे हैं जो लोकतांत्रिक ढांचे पर हमला कर सकती हैं। यह संकेत देता है कि 2026 में दुनिया के कई हिस्सों में सख्त और दमनकारी शासन व्यवस्थाएं उभर सकती हैं, जिससे मानवाधिकारों का संकट पैदा होगा।
तीसरे विश्व युद्ध की आशंका: 7 महीने का महाविनाश
युद्ध को लेकर नास्त्रेदमस की भविष्यवाणियां हमेशा से भयावह रही हैं। 2026 के लिए उन्होंने '7 महीने के बड़े युद्ध' का उल्लेख किया है। आज के वैश्विक हालात, विशेषकर रूस-यूक्रेन, इजराइल-हमास और ताइवान जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव को देखते हुए, कई लोग इसे तीसरे विश्व युद्ध की आहट मान रहे हैं। कयास हैं कि दो महाशक्तियों के बीच ईगो और संसाधनों की लड़ाई इस युद्ध को जन्म दे सकती है, जिसमें लाखों लोगों की जान जाने का खतरा है।
समुद्री युद्ध और एशिया पर मंडराते बादल
नास्त्रेदमस ने सात जहाजों के बीच होने वाले एक घातक नौसैनिक युद्ध की भी चेतावनी दी है। सैन्य विशेषज्ञों की नजर इस समय दक्षिण चीन सागर पर टिकी है। चीन की बढ़ती महत्वाकांक्षाओं और ताइवान, फिलीपींस व अमेरिका के साथ उसके बढ़ते टकराव को देखते हुए, यह नौसैनिक युद्ध की भविष्यवाणी एशिया के लिए एक बड़ा संकट बन सकती है।
भविष्यवाणी के पीछे का मनोविज्ञान
नास्त्रेदमस ने अपनी अधिकांश भविष्यवाणियों में विनाशकारी लहजे का इस्तेमाल किया है। इतिहासकारों का मानना है कि उनकी व्यक्तिगत त्रासदी—प्लेग में अपनी पत्नी और बच्चों को खोने का दुख—उनके लेखन में झलकता है।