पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बीच राज्य की सबसे प्रतिष्ठित भवानीपुर सीट रणक्षेत्र में तब्दील हो गई है। सोमवार को मतगणना केंद्र के भीतर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके धुर विरोधी शुभेंदु अधिकारी दोनों ही व्यक्तिगत रूप से काउंटिंग हॉल में पहुँच गए। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि सुरक्षा घेरे के बावजूद दोनों पार्टियों के एजेंटों के बीच तीखी झड़प हुई, जिसके कारण प्रशासन को 12वें राउंड के नतीजों की आधिकारिक घोषणा बीच में ही रोकनी पड़ी।
एजेंटों को बाहर निकालने के आरोप और हंगामा
घटना की शुरुआत तब हुई जब विपक्षी दलों (विशेषकर लेफ्ट और कांग्रेस) के एजेंटों ने आरोप लगाया कि बीजेपी समर्थकों ने उन्हें जबरन केंद्र से बाहर धकेल दिया है। इस दौरान केंद्र के भीतर भारी शोर-शराबा हुआ, जिससे मतगणना प्रक्रिया बाधित हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए चुनाव आयोग ने अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों (CAPF) को तैनात किया है। शुभेंदु अधिकारी ने जहाँ प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया, वहीं टीएमसी ने इसे बीजेपी की 'हार की बौखलाहट' करार दिया।
नतीजों का गणित: ममता बनाम शुभेंदु
चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार, भवानीपुर में अब तक 13 राउंड की गिनती पूरी हो चुकी है। शुरुआती दौर में पिछड़ने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी पकड़ मजबूत की है और वह निर्णायक बढ़त की ओर बढ़ती दिख रही हैं। हालांकि, 12वें राउंड के डेटा पर मचे विवाद के कारण अंतिम आधिकारिक आंकड़ों में देरी हो रही है। बता दें कि शुभेंदु अधिकारी, जिन्होंने पिछली बार ममता को नंदीग्राम में मात दी थी, इस बार भवानीपुर में उनके गढ़ को ढहाने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मतगणना केंद्र के बाहर भी भारी संख्या में टीएमसी और बीजेपी समर्थक जमा हैं, जिसे देखते हुए इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है। चुनाव आयोग के अधिकारियों का कहना है कि हंगामे की जांच की जा रही है और सभी सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा के बाद ही 12वें राउंड की औपचारिक घोषणा की जाएगी।