भारतीय शेयर बाजार के सबसे भरोसेमंद और 'डिफेंसिव' माने जाने वाले दिग्गज स्टॉक ITC लिमिटेड के लिए साल 2026 की शुरुआत किसी बड़े झटके से कम नहीं रही। केंद्र सरकार द्वारा सिगरेट पर एक्साइज ड्यूटी (Tax) में अप्रत्याशित और भारी बढ़ोतरी की अधिसूचना जारी करने के बाद कल ITC के शेयरों में 10 फीसदी की जोरदार गिरावट दर्ज की गई। इस खबर ने न केवल निवेशकों को डरा दिया है, बल्कि बड़े ब्रोकरेज घरानों को भी इस शेयर पर अपनी राय बदलने पर मजबूर कर दिया है।
टैक्स का गणित: उम्मीद से कहीं ज्यादा बोझ
केंद्र सरकार ने सिगरेट पर टैक्सेशन के ढांचे में बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने मुआवजा उपकर (Compensation Cess) को हटाकर बेसिक एक्साइज ड्यूटी (BED) को एक ऐसे स्तर पर पहुँचा दिया है, जिसकी कल्पना बाजार ने नहीं की थी।
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GST में वृद्धि: 69 मिमी वाली फिल्टर सिगरेट पर GST की दर 28 फीसदी से बढ़ाकर सीधे 40 फीसदी कर दी गई है।
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एक्साइज ड्यूटी का झटका: पहले प्रति 1,000 सिगरेट पर मात्र ₹5 की नाममात्र एक्साइज ड्यूटी लगती थी, जिसे अब बढ़ाकर ₹4,000 करने का प्रस्ताव है।
नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज का मानना है कि टैक्स की यह मात्रा अनुमान से कहीं ज्यादा "तीखी और गहरी" है। इसका सीधा परिणाम यह होगा कि सिगरेट कंपनियों को अपना मार्जिन बचाने के लिए कीमतों में 20 से 30 फीसदी तक की भारी बढ़ोतरी करनी पड़ेगी।
ब्रोकरेज फर्मों ने घटाया भरोसा
इस नकारात्मक खबर के बाद मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकरेज फर्मों ने ITC के भविष्य के प्रदर्शन पर सवाल खड़े कर दिए हैं:
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नुवामा: रेटिंग को 'बाय' (Buy) से घटाकर 'होल्ड' (Hold) कर दिया है। साथ ही वित्त वर्ष 2027 और 2028 के लिए कंपनी के EBITDA अनुमानों में 7% की कटौती की है।
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प्रभुदास लीलाधर: रेटिंग में कटौती करते हुए निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
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डीएएम कैपिटल: कंपनी के टारगेट प्राइस (लक्ष्य मूल्य) को कम कर दिया है।
बिक्री (Volume) पर पड़ने वाला असर
इतिहास गवाह है कि सिगरेट की कीमतों में जब भी बड़ी वृद्धि होती है, तो उसका सीधा असर उसकी खपत पर पड़ता है। नुवामा की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में 6% की शानदार ग्रोथ के बाद, अब वित्त वर्ष 2027 में सिगरेट की बिक्री और मुनाफे में बड़ी गिरावट आ सकती है।
विश्लेषकों ने वित्त वर्ष 2011 का उदाहरण दिया है, जब कीमतों में 18% की वृद्धि होने पर बिक्री 3% गिर गई थी। इस बार, चूंकि कीमतों में 20% से अधिक की वृद्धि की संभावना है, इसलिए बिक्री में 3 से 9 फीसदी तक की गिरावट का अंदेशा जताया जा रहा है। इतनी बड़ी गिरावट ITC जैसी कंपनी के लिए चिंताजनक है, जिसका एक बड़ा राजस्व सिगरेट कारोबार से आता है।